व्याख्याता अर्थशास्त्र भर्ती परीक्षा 2026 संपूर्ण पाठ्यक्रम

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 व्याख्याता अर्थशास्त्र भर्ती परीक्षा 2026 – संपूर्ण पाठ्यक्रम


पृष्ठ 1 – परीक्षा का अंक विभाजन

व्याख्याता – अर्थशास्त्र भर्ती परीक्षा पाठ्यक्रम


कुल अंक – 100

भाग विषय-वस्तु अंक

भाग – अ अर्थशास्त्र का परिचय सांख्यिकी 15

भाग – अ भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास 15

भाग – अ व्यष्टि अर्थशास्त्र 15

भाग – अ समष्टि अर्थशास्त्र 15

भाग – ब शैक्षिक मनोविज्ञान, शिक्षा में आकलन एवं मूल्यांकन, शिक्षण शास्त्र, शैक्षिक अभिवृत्ति 15

भाग – स भाषा ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन 25

योग 100


भाग – अ

1. अर्थशास्त्र का परिचय सांख्यिकी (अंक – 15)

1.1 परिचय

- अर्थशास्त्र क्या? उपभोग, उत्पादन और वितरण, अर्थशास्त्र में सांख्यिकी, सांख्यिकी क्या है? सांख्यिकी अनुप्रयोग।

1.2 आँकड़ों का संग्रह, संगठन एवं प्रस्तुतिकरण

- आँकड़ों का संग्रह: आँकड़ों के स्रोत, आँकड़ा संग्रहण, आँकड़ों के संग्रह की विधि, जनगणना तथा प्रतिदर्श सर्वेक्षण, जनगणना तथा प्रतिदर्श, यादृच्छिक प्रतिचयन, प्रतिचयन एवं अप्रतिचयन त्रुटियाँ, भारत की जनगणना एवं प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS)।


- आँकड़ों का संगठन: अपरिष्कृत आँकड़े, बहुलक और विविक्त, बारंबारता वितरण, बारंबारता वितरण निर्माण प्रक्रिया, वर्ग अंतराल संबंधी सम्पूर्ण अध्ययन, वर्गों की संख्या कितनी होनी चाहिए, मिलान चिन्ह, अंकन द्वारा वर्ग बारंबारता को ज्ञात करना, सूचना की हानि, असमान वर्गों में बारंबारता वितरण, बारंबारता सारणी, द्विचर बारंबारता वितरण।


- आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण: आँकड़ों का पाठ्यवर्णक प्रस्तुतीकरण, गुणात्मक वर्गीकरण, मात्रात्मक वर्गीकरण, कालिक वर्गीकरण, आँकड़ों का सारणीयन तथा सारणी के अंग, आँकड़ों का आलेखी प्रस्तुतीकरण, ज्यामितीय आलेख – दण्ड आलेख, वृत्त आलेख, बारंबारता आलेख, आयत चित्र, बारंबारता बहुभुज, बारंबारता वक्र, तोरण अंकगणितीय रेखाचित्र।


- सांख्यिकीय उपकरण एवं सांख्यिकीय विधियों का उपयोग।

1.3 सांख्यिकीय उपकरण एवं निर्वचन

- समांतर माध्य, सतत श्रृंखला: समांतर माध्य की दो रोचक विशेषताएँ, माध्यिका, चतुर्थक, शततमक, बहुलक – बहुलक का अभिकलन, समांतर माध्य, माध्यिका एवं बहुलक की सापेक्षिक स्थिति।


- सहसंबंध: सहसंबंध मापन, सहसंबंध के प्रकार, सहसंबंध को मापने की प्रविधियाँ, प्रकीर्ण आरेख, कार्ल पियर्सन का सहसंबंध गुणांक, स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध।


- सूचकांक: सूचकांक की रचना, समुचित विधि, मूल्यनुपातों की माध्य विधि, कुछ महत्वपूर्ण सूचकांक – उपभोक्ता कीमत सूचकांक, थोक कीमत सूचकांक, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, मानव विकास सूचकांक, संवृद्धि सूचकांक, सूचकांक की रचना में मुद्दे, अर्थशास्त्र में सूचकांक।

2. भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास (अंक – 15)

2.1 भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास और विकास नीतियाँ तथा अनुभव (1947–90)

- स्वतंत्रता के पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था – औपनिवेशिक शासन के अंतर्गत निम्न स्तरीय आर्थिक विकास, कृषि क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, विदेशी व्यापार, जनांकिकीय परिस्थिति, व्यावसायिक संरचना, आधारभूत संरचना।

- भारतीय अर्थव्यवस्था (1950–90), पंचवर्षीय योजनाओं का लक्ष्य, कृषि, उद्योग और व्यापार, व्यापार नीति: आयात प्रतिस्थापन।

2.2 आर्थिक सुधार 1991 से

- उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण: एक समीक्षात्मक भूमिका।

- उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण, सुधार कालीन भारतीय अर्थव्यवस्था: एक समीक्षा।

2.3 भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान चुनौतियाँ

- भारत में मानव पूँजी का निर्माण: मानव पूँजी, मानव पूँजी के स्रोत, मानव पूँजी और मानव विकास, भारत में मानव पूँजी निर्माण की स्थिति, शिक्षा पर सार्वजनिक व्यय में वृद्धि, भविष्य की संभावनाएँ।


- ग्रामीण विकास: ग्रामीण विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में साख और विपणन, कृषि विपणन व्यवस्था, उत्पादक गतिविधियों का विविधीकरण, धारणीय विकास और जैविक कृषि।


- रोजगार संवृद्धि, अनौपचारिकीकरण एवं अन्य मुद्दे: श्रमिक और रोजगार, लोगों की रोजगार में भागीदारी, स्वनियोजित तथा भाड़े के श्रमिक, कर्मी तथा कारखानों तथा कार्यालयों में रोजगार, समृद्ध एवं परिवर्तनशील रोजगार संरचना, भारतीय श्रमबल का अनौपचारिकीकरण, बेरोजगारी, सरकार और रोजगार सृजना।

2.4 भारत और उसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव

- विकास पथ – एक चित्रांकन, जनांकिकीय संकेतक, सकल घरेलू उत्पाद एवं क्षेत्रक मानव विकास के संकेतक, विकास नीतियाँ – एक मूल्यांकन।


3. व्यष्टि अर्थशास्त्र (अंक – 15)

3.1 व्यष्टि अर्थशास्त्र एक परिचय

- सामान्य अर्थशास्त्र, अर्थव्यवस्था की केंद्रीय समस्याएँ, आर्थिक क्रियाकलापों का आयोजन – केंद्रीकृत योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था, बाजार अर्थव्यवस्था, सकारात्मक तथा आदर्शक अर्थशास्त्र, व्यष्टि अर्थशास्त्र तथा समष्टि अर्थशास्त्र।

3.2 उपभोक्ता के व्यवहार का सिद्धांत (उपभोक्ता संतुलन)

- उपयोगिता: गणनावाचक उपयोगिता विश्लेषण, क्रमवाचक उपयोगिता विश्लेषण।

- उपभोक्ता बजट – बजट सेट एवं बजट रेखा, बजट सेट में बदलाव।

- उपभोक्ता का इष्टतम चयन माँग, माँग वक्र तथा माँग का नियम।

- अनधिमान वक्र तथा बजट बाध्यताओं से माँग वक्र की व्युत्पत्ति।

- सामान्य तथा निम्नस्तरीय वस्तुएँ, स्थानापन्न तथा पूरक।

- माँग वक्र में शिफ्ट, माँग वक्र की दिशा में गति और माँग वक्र में शिफ्ट।

- बाजार माँग, माँग की लोच, कीमत माँग वक्र की दिशा में लोच, किसी वस्तु के लिए माँग की कीमत लोच को निर्धारित करने वाले कारक, लोच एवं व्यय।

3.3 उत्पादन तथा लागत

- उत्पादन फलन, अल्पकाल तथा दीर्घकाल, कुल उत्पाद, औसत उत्पाद तथा सीमांत उत्पाद।

- कुल उत्पाद, औसत उत्पाद, सीमांत उत्पाद।

- हासमान सीमांत उत्पाद नियम तथा परिवर्ती अनुपात नियम।

- कुल उत्पाद, सीमांत उत्पाद तथा औसत उत्पाद वक्र की आकृतियाँ।

- पैमाने का प्रतिफल, लागत – अल्पकालीन लागत तथा दीर्घकालीन लागत।

3.4 पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्थिति में फर्म का सिद्धांत

- पूर्ण प्रतिस्पर्धा: पारिभाषिक लक्षण, संगतियाँ, लाभ अधिकतमीकरण स्थिति-1, स्थिति-2, स्थिति-3।

- लाभ अधिकतमीकरण समस्या: आलेख द्वारा प्रदर्शन।

- पूर्ति एवं पूर्ति की लोच, एक फर्म की पूर्ति वक्र, एक फर्म का अल्पकालीन पूर्ति वक्र, एक फर्म का दीर्घकालीन पूर्ति वक्र।

- उत्पादन बंदी बिंदु, सामान्य लाभ तथा लाभ-अलाभ बिंदु के पूर्व वक्र के निर्धारक तत्व, प्रौद्योगिकीय प्रगति, आगत कीमतों में परिवर्तन, बाजार पूर्ति वक्र, पूर्ति की कीमत लोच, ज्यामितीय विधि।

3.5 बाजार संतुलन

- संतुलन, अधिमाँग, अधिपूर्ति।

- बाजार संतुलन: फर्मों की स्थिर संख्या।

- बाजार संतुलन: निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन।

- अनुप्रयोग: उच्चतम निर्धारित कीमत, निम्नतम निर्धारित कीमत।


4. समष्टि अर्थशास्त्र (अंक – 15)

4.1 समष्टि अर्थशास्त्र एक परिचय

- परिचय एवं राष्ट्रीय आय का लेखांकन – समष्टि अर्थशास्त्र का उद्भव।

- राष्ट्रीय आय का लेखांकन – समष्टि अर्थशास्त्र की कुछ मूलभूत संकल्पनाएँ।

- आय का वर्तुल प्रवाह।

- राष्ट्रीय आय गणना की विधियाँ – उत्पाद अथवा मूल्यवर्धित विधि, व्यय विधि, आय विधि, साधन लागत, आधारित कीमतें तथा बाजार कीमतें।

- सकल घरेलू उत्पाद एवं सकल राष्ट्रीय उत्पाद, मौद्रिक तथा वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद, सकल घरेलू उत्पाद और कल्याण।

4.2 मुद्रा और बैंकिंग

- एक मुद्रा के कार्य, मुद्रा की माँग और मुद्रा की पूर्ति।

- बैंकिंग व्यवस्था द्वारा साख सृजन।

- काल्पनिक बैंक का चित्र, साख सृजन की सीमाएँ तथा मुद्रा गुणक।

- मुद्रा पूर्ति के नियंत्रण के नीतिगत उपकरण।

4.3 आय और रोजगार के निर्धारण

- समग्र माँग तथा इसके अवयव।

- दो-सेक्टर मॉडल में आय का निर्धारण।

- अल्प अवधि में संतुलन।

- आय का निर्धारण स्थिर कीमत स्तर के साथ।

- समष्टि अर्थशास्त्रीय संतुलन, समग्र माँग में परिवर्तन का आय तथा उत्पादन पर प्रभाव।

- गुणक क्रियाविधि, कुछ अन्य संकल्पनाएँ।

4.4 सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था

- सरकारी बजट के उद्देश्य, प्राप्तियों का वर्गीकरण।

- सरकारी घाटे की माप।

- सरकारी बजट अर्थ तथा इसके अवयव।

- पूँजीगत लेखा, संतुलित, अधिशेष एवं घाटा बजट।

4.5 खुली अर्थव्यवस्था

- अदायगी-संतुलन चालू खाता, पूँजी खाता।

- अदायगी-संतुलन और घाटा।

- विदेशी विनिमय बाजार – विदेशी विनिमय दर, विनिमय दर का निर्धारण, तिरती और स्थिर विनिमय दर प्रणाली के गुण और दोष, प्रबंधित तिरती।


भाग – ब (अंक – 15)

5. शैक्षिक मनोविज्ञान (Educational Psychology)

शैक्षिक मनोविज्ञान में अध्ययन पद्धतियाँ, मानव विकास, शारीरिक विकास, मानसिक विकास, भावनात्मक विकास, सामाजिक विकास, नैतिक विकास, किशोरावस्था का विकास और समस्याएँ, मार्गदर्शन और परामर्श, अधिगम, अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक, अधिगम के सिद्धांत, बुद्धिमत्ता, सृजनात्मकता, विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चे, व्यक्तिगत भिन्नताएँ, व्यक्तिगत सिद्धांत, समाजीकरण, प्रेरणा।

6. शिक्षा में आकलन एवं मूल्यांकन (Assessment and Evaluation in Education)

1. आकलन और मूल्यांकन: अर्थ, परिभाषा, आकलन तकनीकों के प्रकार, आकलन के आधार, वर्तमान आकलन प्रणाली की कमियाँ, आकलन-मूल्यांकन-परीक्षा/परीक्षण के बीच अंतर, सतत एवं समग्र मूल्यांकन।


2. विषय-आधारित अधिगम का आकलन: आकलन उपकरण और रणनीतियाँ, असाइनमेंट एवं उनके प्रकार, उपलब्धि परीक्षणों का निर्माण और वर्गीकरण, योजना, निर्माण और इसके चरण।


3. उपयुक्त उपकरण बनाने में शिक्षक की क्षमता: आकलन उपकरणों का डिजाइन, कक्षाओं एवं विषय-विशिष्ट उपकरणों का उपयोग, कल्पना की विशेषताएँ और प्रकार, उपयुक्त मूल्यांकन मानदंडों के उद्देश्य और प्रकार, मानक तय करना एवं उनका उपयोग, फीडबैक के प्रकार, शिक्षार्थी फाइल/पोर्टफोलियो/रूब्रिक्स का निर्माण और संधारण।


4. परीक्षण (Testing): परीक्षणों के प्रकार, वर्गीकरण, एक अच्छे परीक्षण के आवश्यक गुण, प्रशासन, विभिन्न विषयों में उपलब्धि परीक्षण।


7. शिक्षण शास्त्र (Pedagogy)

1. विषयों का स्वरूप और क्षेत्र: संकल्पनाएँ, इतिहास, विषय-संबंधी और क्षेत्रीय निष्कर्षों की तार्किक वैधता।


2. छात्र अन्वेषण: छात्र की तैयारी का मूल्यांकन, अधिगम को वास्तविक जीवन से जोड़ना, स्वतंत्र समस्या-समाधान के अवसर, समूह-अधिगम रणनीतियाँ, कक्षा संवाद को बढ़ावा देना।


3. उद्देश्य और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005 और 2023 के अनुसार शिक्षा के उद्देश्य, लक्ष्य और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य, स्कूली शिक्षा में विषय-विशिष्ट व्यापक उद्देश्य।


4. विषय पाठ्यचर्या: पाठ्यचर्या निर्माण के सिद्धांत, विद्यालय के विभिन्न स्तरों पर पाठ्यचर्या, राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा।


5. पाठ योजना और शिक्षण-अधिगम विधियाँ: विभिन्न शिक्षण विधियाँ एवं पाठ योजनाएँ, अधिगम संसाधनों के प्रकार (पाठ्यपुस्तकें, ऑडियो-विजुअल, मल्टीमीडिया आदि)।

8. शैक्षिक अभिवृत्ति (Pedagogical Attitudes)

1. ज्ञान और अधिगम: अर्थ, प्रकृति, महत्व, ज्ञान के विभिन्न क्षेत्र, सांस्कृतिक ज्ञान और मूल्य।


2. शिक्षण एक पेशे के रूप में: सकारात्मक दृष्टिकोण, रुचि और अभिवृत्ति।


3. शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया की समझ: अनुशासन, ग्रहणशीलता, शिक्षण कौशल, प्रभावी शिक्षण प्रक्रिया के मानदंड, प्रभावी संचार।


4. रचनावादी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया: ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया, रचनावादी कक्षा की विशेषताएँ, रचनावादी शिक्षक।


5. शिक्षक का व्यावसायिक विकास: पूर्व-सेवा और सेवा-कालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम, व्यावसायिक अधिगम समुदाय, नेतृत्व गुण और समूह गतिशीलता।


6. शिक्षा में लैंगिक-परिप्रेक्ष्य: लिंग के जैविक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक निर्धारक, लिंग भूमिकाओं का सामाजिक मनोविज्ञान, शैक्षिक नीतियाँ और लैंगिक चिंताएँ, शिक्षा में लैंगिक मुद्दे।


भाग – स

भाषा ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन

कुल अंक – 25

9. सामान्य हिंदी (अंक – 5)

1. स्वर, व्यंजन, वर्णमाला।

2. लिंग, वचन, काल।

3. संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रिया विशेषण, कारक।

4. समास रचना एवं प्रकार।

5. संधि-स्वर, व्यंजन एवं विसर्ग संधि।

6. व्याकरणिक अशुद्धियाँ।

7. शब्द रचना उपसर्ग एवं प्रत्यय।

8. शब्द प्रकार, तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी।

9. पर्यायवाची, विलोम शब्द, अनेकार्थी शब्द, अनेक शब्दों या वाक्यांशों के लिए एक शब्द।

10. General English (5 Marks)

1. Number, Gender, Articles

2. Noun, Pronoun, Adjectives, Verb, Adverb

3. Preposition and Conjunctions

4. Synonyms, Antonyms, Homonyms

5. One word substitution

6. Spellings, Prefixes, Suffixes

7. Proverb and Idioms

8. Active/Passive Voice

9. Sentences (Declarative, Negative, Interrogative, Imperative, Exclamatory)

10. Punctuations

11. सामान्य मानसिक योग्यता (अंक – 5)

तर्क करना, संबंध देखना, एनालॉजी, आंकीय योग्यता, आकाशीय संबंध आदि।


इन कारकों का परीक्षण करने के लिए सामान्यतः इस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं –

- विषमता को पहचानना।

- आंकीय श्रेणी।

- अक्षर श्रेणी।

- अक्षर, अंक और चित्रों द्वारा संबंध देखना।

- सांकेतिक भाषा।

- छुपे हुए चित्र।

- वर्ग एवं अंक।

- गणितीय संक्रियाएँ।

- चित्रों का मिलान।

- घन संबंधी विभिन्न प्रकार के पैटर्न आदि-आदि।

12. कम्प्यूटर शिक्षा (अंक – 5)

- कम्प्यूटर का परिचय: कम्प्यूटर क्या है? दैनिक जीवन में कम्प्यूटर का उपयोग (शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य, कार्यालय, संचार आदि), कम्प्यूटर का महत्व और सीमाएँ, कम्प्यूटर की सामान्य विशेषताएँ।


- कम्प्यूटर के प्रमुख भाग: हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर का परिचय, सी.पी.यू. (CPU), ALU, CU, Memory, इनपुट डिवाइस (कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, वेबकैम आदि), आउटपुट डिवाइस (मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर आदि)।


- प्रिंटर के प्रकार: इंकजेट प्रिंटर, लेजरजेट प्रिंटर, डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर, थर्मल एवं अन्य आधुनिक प्रिंटर।


- ऑपरेटिंग सिस्टम: ऑपरेटिंग सिस्टम की भूमिका, एम.एस. डॉस (MS-DOS), कमर्शियल ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows, macOS आदि), ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम (Linux, Ubuntu आदि)।


- कार्यालयीन उपयोग हेतु Microsoft Office:

- MS Word – डॉक्यूमेंट बनाना, संपादन, फॉर्मेटिंग।

- MS Excel – टेबल, फार्मूले, चार्ट।

- MS PowerPoint – स्लाइड निर्माण, डिजाइन, प्रस्तुतीकरण।

- इंटरनेट का उपयोग: इंटरनेट का परिचय, Inbox, Outbox, CC, BCC, ई-मेल बनाना व भेजना, ऑनलाइन डॉक्यूमेंट खोज, वेबसाइट सर्फिंग, विभिन्न सरकारी विभागों की वेबसाइटों की सामान्य जानकारी।


- एंटीवायरस एवं कम्प्यूटर सुरक्षा: कम्प्यूटर वायरस क्या है?, वायरस के प्रकार, वायरस से होने वाले नुकसान, एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का महत्व, सुरक्षा उपाय।


- मल्टीमीडिया का उपयोग: मल्टीमीडिया का अर्थ, ऑडियो, वीडियो और टेक्स्ट का उपयोग, मल्टीमीडिया अनुप्रयोग।


- स्टोरेज डिवाइस: प्राथमिक व द्वितीयक स्टोरेज, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सीडी/डीवीडी, क्लाउड स्टोरेज का परिचय।


- सर्च इंजन एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म: गूगल, यूट्यूब, सर्च इंजन क्या है?, वांछित जानकारी कैसे खोजें?, सुरक्षित एवं प्रभावी सर्च तकनीकें।

13. सामान्य ज्ञान (अंक – 5)

1. मुख्य संवैधानिक प्रावधान, मौलिक कर्तव्य एवं भारतीय राजनीतिक व्यवस्था एवं संविधान अधिकार, सूचना का अधिकार, सांस्कृतिक, राष्ट्रीय व्यक्तित्व, लोकतंत्र एवं चुनाव लोकसभा, राज्यसभा।


2. भारतीय इतिहास एवं राष्ट्रीय आंदोलन भारतीय सभ्यता एवं सांस्कृतिक, ऐतिहासिक घटनाएँ, भारतीय स्वतंत्रता का इतिहास 1857 से 1947 तथा, 1947 के बाद का घटनाक्रम।


3. भूगोल: सामान्य भूगोल, भारत एवं विश्व का भूगोल।


4. भारतीय अर्थव्यवस्था: सामाजिक एवं आर्थिक विकास, जनसंख्या परिप्रेक्ष्य, सकल राष्ट्रीय उत्पादन और प्रति व्यक्ति आय, पंचवर्षीय योजनाएँ, कृषि व ग्रामीण विकास, औद्योगिक विकास, भारतीय अर्थव्यवस्था बैंक प्रणाली, वर्तमान आर्थिक घटनाक्रम।


5. सामान्य विज्ञान: भौतिकी, रसायनशास्त्र एवं जीव तथा वनस्पति विज्ञान से संबंधित मूलभूत जानकारी।


6. छत्तीसगढ़ की सामान्य जानकारी: छत्तीसगढ़ का इतिहास, भूगोल, राजनीतिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, शासकीय योजनाएँ, पुरस्कार-सम्मान, परंपराएँ, लोकगीत-संगीत, महत्वपूर्ण व्यक्तित्व एवं छत्तीसगढ़ से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषय।


7. नई शिक्षा नीति 2020 (भाग-1 स्कूल शिक्षा)।

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